|| 500 रु से ऐसे बने थे धीरु भाई अंबानी करोडपति, ये हैं उनकी कामयाबी के राज ||

रु से ऐसे बने थे धीरू भाई अंबानी

करोड़पति यह हैं उनकी कामयाबी के रात

मुंबई इंडियन बिजनेस टाइकून में धीरू भाई

अंबानी एक ऐसा नाम है जिन्होंने अपने बल

पर रिलायंस इंडस्ट्रीज खड़ी की

है धीरू भाई की कहानी एक छोटे व्यापारी से

बहुत बड़े व्यावसायिक टायकून बनने की

कहानी

है वे एक भारत के मशहूर इंडस्ट्रियस में

से एक थे

दिसंबर को धीरू भाई अंबानी का जन्मदिन

है इस मौके पर आपको बताने जा रहा है उनसे

जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें और उनकी सफलता का

वह राज जिनके बदौलत वह आज लाखों युवाओं के

प्रेरणास्रोत बने हुए

हैं की सैलरी पर किया काम और एक दिन

बने

करोड़पति धीरू भाई अंबानी और कोकिला

बेन रिलायस इंडस्ट्रीज की नेम धीरू भाई

अंबानी ने रखी थी धीरू भाई अंबानी का जन्म

दिसंबर को सौराष्ट्र के जूनागढ़

जिले में हुआ था इनका पूरा नाम धीरजलाल

हीराचंद अंबानी था धीरू भाई ने जब बिजनेस

की दुनिया में कदम रखा तो ना उनके पास

पुश्तैनी संपत्ति थी और न ही बैंक बैलेंस

उनके पिता हीराचंद एक प्राइमरी स्कूल में

टीचर थे धीरू भाई के निधन के बाद उनकी

संपत्ति बंटवारे में उनकी पत्नी कोकिलाबेन

ने ही मुख्य भूमिका अदा की थी की सैलरी

पर किया था सन में साल की उम्र

में वे अपने बड़े भाई रमणिकलाल की सहायता

से यमन के एडेन शहर पहुंचे गए वहां

उन्होंने एक बेस ससी और कंपनी में

प्रति माह की सैलरी पर काम किया उन्होंने

में यमन में अरब मर्चेंट में नौकरी

भी की थी लेकर पहुंचे मुंबई धीरू भाई

के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था इसलिए

में वे वतन वापस आ गए सन में

जेब में रखकर किस्मत आजमाने मुंबई

पहुंच गए और यहीं से शुरू हुई उनकी

व्यावसायिक

यात्रा यमन से लौटने के बाद धीरू भाई ने

चचेरे भाई चंपकलाल दिमानी की मदद से

रिलायस कमर्शियल कॉर्पोरेशन कंपनी बनाई इस

कंपनी के जरिए धीरू भाई ने शुरुआत में

पश्चिमी देशों में अदरक हल्दी और अन्य

मसालों का निर्यात किया यहां से धीरू भाई

अंबानी ने ऐसे कदम बढ़ाए कि फिर कभी पीछे

पलट कर नहीं देखा उन्होंने एक के बाद एक

कंपनी खड़ी की धीरू भाई देखते ही देखते

करोड़पति बन गए उनका नाम देश ही नहीं

बल्कि विदेश में भी प्रसिद्ध हुआ की

लागत से शुरू किया था

बिजनेस रिपोर्ट्स के मुताबिक में

की लागत से धीरू भाई ने पॉलीस्टार

धागे के एक्सपोर्ट इंपोर्ट का धंधा शुरू

किया था बाद में का निवेश कर रिलायस

कमर्शियल कॉर्पोरेशन की नीव रखी उन दिनों

एशिया में पॉलिस्टर की काफी डिमांड थी

इसके चलते जल्द ही उनका मुनाफा बढ़ गया

बावजूद इसके अपनी पत्नी कोकिला बेन और

बच्चों के साथ एक दशक तक वे केवल एक

बेडरूम के फ्लैट में रहे एक धीरू भाई

अंबानी कहते हैं जो सपने देखने की हिम्मत

करते हैं वह पूरी दुनिया को जीत सकते

हैं हम दुनिया को साबित कर सकते हैं कि

भारत सक्षम राष्ट्र

है हम भारतीयों को प्रतियोगिता से डर नहीं

लगता भारत उपलब्धियां करने वालों का

राष्ट्र

है बड़ा सोचो जल्दी सोचो समय बेकार मत करो

और आगे

सोचो विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं

है

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