Vadodara: Transgender बोले हमारा भी मन Love और Se0x करने का होता है | Gujarat Election 2022 |

बचपन में हमारी बुद्ध का खेल खेलने दूल्हा

दुल्हन बनते थे छोटी थी तो दुल्हन पहनती

थी और लड़के सब खेलने उल्टे थे बस यही सब

है और सब गुजरात जितने भी सब सब हिंदू

मुसलमान भाइयों को भी मैं कहना चाहती हूं

बस हमें ऐसे ही प्यार करो और हमें हमारे

साथ कभी ऐसा बहस भाव मत रखो हम भी बहुत

अच्छे हैं ऐसा मत करो करो लोगों बहुत से

सुन कैसे करते खबर है बहुत यानी किन्नर है

इसे भागो

[संगीत]

नमस्ते सभी को मैं बोलना चाहती हूं मैं

गुजरात सिमरन बोल रही हूं गुजरात से बोल

रही हूं मैं रहने वाली हूं सूरत से हूं

बनी यहां पे गुरुजी रहते हैं तो गुरुजी के

साथ रहती हूं और गुरुजी बड़ौदा रहती है

कमरे मेरे दाढ़ी पाउडर रहती है तो मैं

यहां पर आई हूं गुरुजी के समाज में रहती

हूं उन लोग जैसा बोलते हुए वैसा करती हूं

बस उनके बचपन से ही मेरा अंदर जो होती है

ना एक देखो एक लेडीज होती है और एक लड़का

होता है और मैं भी एक प्ले लड़कियां नहीं

बोलते ना वह जो

लड़की थी मैं आप लोगों को लड़की की तरह

थी

लड़की की तरह

[संगीत]

सब लड़कियों के अंदर मुझे बहुत अच्छा लगता

था लड़कियों के और मुझे पहले से ही मुझे

लड़की के अंदर ही मुझे ज्यादा करके मुझे

लड़की के अंदर मुझे अच्छा लगता था की के

मुझे

बहुत बोलते थे मम्मी डैडी को क्या आपका

लड़का लड़कियों में खेलते है ये मेरी

मम्मी दादा मेरी मम्मी ये तो बहुत कितनी

आई है मेरी अभी से है तो ये कब की बात है

जब आपको ये फीलिंग आई की मैं लड़ने जैसा

आप सोचती हूं और लड़कों में खेलती हुई कब

की बात है ये कम से कम में

साल की थी ना जब से मुझे साल की थी तो

मैं किन्नर में चलेगी थी|

तो इसलिए फिर वो किन्नर समाज घर पे आए

मुझे ले गए और उन लोगों ने खबर नहीं क्या

किया मुझे वो भी बहुत अच्छा है उनका भी

व्यवहार बहुत अच्छा है वो अपने मम्मी डैडी

से भी जितना मम्मी पापा जितना प्यार नहीं

करते उससे गुना प्यार करते हैं बहुत

अच्छे होते हैं बहुत अच्छे कैसे रिलेशन

मिल्टन करती है कभी जाना हुआ मिलते हैं

फोन पे वो गुरुजी है ना हमारी गुरुजी बहुत

अच्छी है वो करवा देती है हमारी आचरण वो

गुरुजी का भी ऐसा बहसबा नहीं रखती है की

के वो हम भी किसी के बच्चे हैं तो वो भी

किसी के बच्चे घर पे हां घर पे जाना है

पेरेंट्स नहीं मम्मी डैडी आते हैं कभी-कभी

एक दिन आते हैं फिर उसके बाद में चले जाते

हैं ये तो लगता होगा ना की ईश्वर ने भगवान

ने दिया भगवान को मानते हैं क्या हमारे

साथ किया मेरे को कब से कभी होता है जब बट

यहां मैं किसी लड़की लड़का को देखते हूं

किसी कपल को देखते हो तो मेरे बहुत जलता

है बट यहां ऊपर वाले मोहब्बत करने का मां

करता नहीं यानी ऐसे किसी को किसी को खुश

देखते हो ना मैं

जैसा मेरी मम्मी पापा घर पर नहीं रहते मैं

मम्मी डैडी के पास नहीं रहती वो लोगों की

मम्मी पापा इतना प्यार देते हैं एक बच्चे

छोटे भाई मासूम बच्चे को वैसे मेरे को

बचपन में कभी-कभी याद आई किसी को देख के

है ना मुझे अपनी बचपन की बात याद आई है

बचपन के कुछ दिमाग में याद आता है तो मैं

सोचती हूं मैं मेरे माता रानी से यही दुआ

करती हुई है बहुत शर्मा मेरे अम्मा ऐसा

जन्म दोबारा अगले लाइफ में नहीं देना

मैं ऐसा बोल एजुकेशन

दुनिया भर की इतनी हैसियत नहीं थी मॉम

दादा की भी इसलिए और कुछ नहीं तो जैसा भी

अपने फीलिंग बता रहे हैं की लड़कियों की

फीलिंग आने लगी थी जबकि लड़कों के बीच में

रहती थी वगैरा वगैरा

शामिल हो गई हैं तब किस तरह की फीलिंग है

ये नहीं बैंड करता की हमारी भी शादी हनी

चाहिए हमारा भी परिवार होना चाहिए

गुरु जी मां बोलती कभी नहीं अपुन कभी और

लड़की नहीं अपने समाज से ऊपर वाले ने उनको

सिर्फ लोगों को दुआ देने के लिए बनाया है

ये मां लिया इनाम के संतुष्ट कर लिया

[संगीत]

वो भी तो एक अगर घर पर आई थी मम्मी मम्मी

डैडी का सुन सुन के चलती थी यहां पे हो तो

गुरुजी मां है गुरु जी अपनी मम्मी जी है

पापा जी जो कुछ है वही सब कुछ मेरे और

उनके भरोसे जीती हूं मैं और कुछ नहीं बस

मैं इतना ही कहना चाहती हूं और

गुजरात जितने भी सब सब हिंदू मुसलमान

भाइयों को भी मैं कहना चाहती हूं बस हमें

ऐसे ही प्यार कण और हमें हमारे साथ कभी

ऐसा बहस भाव मत रखो हम भी बहुत अच्छे हैं

ऐसा मत करो करो लोगों बहुत सेशन कैसे करते

खबर है बहुत यानी ये किन्नर है इसे भागो

यह करो यानी समाज का जरूर है ये अच्छा

नहीं लगता हां ये मुझे बहुत उससे बहुत

अंदर मां दुख होता है और कुछ नहीं होता है

अंदर से मां दुखी होता है यार जब ऐसा कोई

झटका आता है ना जब बहुत दर्द होता है जब

बहुत तरह से मुझे बहुत सोचती हूं यह भगवान

ना करें कोई कोई ज्यादा बोलना है उल्टा

पलटा बोलना है तो रो में कम उठाती है तो

एक बात तो ये बताइए आप लोग भी तो कई बार

ऐसा लगता है जैसे किसी को ट्रक खड़ा कर

दिया गाड़ी खड़ा कर दिया उसको अंदर से डर

भी ग रहा है इरिटेशन

मांगते तो रुक जाति है गाड़ी भी चल भगवान

का कृपा है और रुक देता है और हमें हाथ

जोड़कर मांगती हूं तो बांदा सामने से खुद

दे देता है में|

फीलिंग तो हर इंसान के अंदर जो है एक जैसा

है ईश्वर ने सिर्फ इंसान पैदा किया ठीक है

वहां से उसने मेल और फीमेल दो बनाया ठीक

है आप लोग किसी में काउंट नहीं हुए तो

सबसे पहले तो पेरेंट्स फिर दिया इसके बाद

समाज ने तो क्या इसे ग्रुप में आकर के आप

लोग एक फाइल करते होंगे काश हम किसी में

होते और हमारी भी शादी होती हमारा भी

परिवार होता है बहुत ही स्वस्ति कभी-कभी

कभी मैं खुद ही अपने आप को देख के डरती है

भगवान तूने मुझे इतनी खूबसूरत बनाया था

सॉरी पान क्या कम करते खूबसूरत बनके जो

मेरी किसी की बीबी नहीं बन पाती हूं मैं

नर-नारी ऐसा कभी-कभी

हमारा मां ग जाता है और हमारे घर में बहुत

बुजुर्ग भी किन्नर है हम उनकी सेवा पानी

करते हैं और उसमें ही हम खुश नहीं गुजर कर

लेते हम यहां से जाते हैं यहां पे आते हैं

हम बजे से ए जाते थे हम

फिर उसके बाद में घर जाते हैं फिर

बजे से हमारा घर में ताला ग जाता है फिर

उसके बाद में नोट अलाउड है यहां पे घूमने

फिरना बस हमारा समाज के एक साथ कितने लोग

रहते हैं

हम सब

आप मम्मी के साथ रहती हो

समाज में ए गए तो आप लोगों में भी मेल और

फीमेल अभी भी एक्जिस्ट करता है जैसे की

कोई आप तीनों में से कोई मेल हो और एक

फीमेल हो ऐसा कुछ होता है नहीं कुछ नहीं

सब ऐसे जो अभी किन्नर होते कैसे हैं आप

बताइए

अंदर से जो अंदर जो अभी जैसा आप हो है ना

आप यानी बचपन से ही आपकी अंदर का आपको

यानी मिल वाला फिल्म हां मेल वाला फीलिंग

और मेरे अंदर तो फीमेल वाला में अन्य टाइम

में लड़कियों के साथ घूमती फिरती रहती थी

कभी मुझे लड़के में इंटरेस्ट नहीं था

ने खेलने कूदने का मुझे पसंद है इतनी था

लड़कों के अंदर खेलने कूदना ये बस और कुछ

नहीं वो इधर ए

जाता है मुझे लड़की का लोग बहुत अच्छा

लगता था पर मुझे नहीं पता था की मैं एक

खुद लड़की बन जाऊंगी एक किन्नर बन जाऊंगी

मुझे नहीं पता

क्या करें ऊपर वाले ने हकीकत वही बना दिया

क्या फिर उसके बाद में आठ एक साल की हो या

फिर मुझे पता चला की साल में मुझे कीनन

के पास ले गया था फिर गुरु मां के घर लेक

गए थे फिर वहां पे भी मुझे बहुत प्यार

मिला है बहुत यानी बहुत

साल मुझे बहुत तकलीफ हुई मम्मी पापा से

दूर होने की

सवाल जानना चाहता हूं

सब कुछ सुना चाहता है जानना चाहता है की

एक किन्नर कैसे कोई होता है और क्या फूल

करता है जैसे हम मेल है कोई फीमेल है

फीमेल और फीमेल की फीलिंग सबको पता है

किन्नर की जो है क्या फूल करना है

पीछे आदमी होते चाहे लड़की होते किसी घर

की बेटी हूं

हां ये तो बात है मेरी कभी ख्वाहिश थी की

मैं किसी की बहू बानो

बहुत अरमान मुझे ऐसा लगता था की मैं

छोटेपन में की मैं शादी करके जाऊंगी

दुल्हन कैसे बनूंगी ये सब वन वो सब दुल्हन

बने के मेरे सब अरमान पूरे यानी पो हो गए

सब आप लोगों के साथ भी ऐसा ही हुआ सब के

साथ ऐसा

हो चुका है तो सबके साथी हो

तो ये भी सब किन्नर है

वो लड़की वाली फीलिंग आप लोगों के साथ

दूल्हा दुल्हन बनते थे छोटी थी तो दुल्हन

थी और लड़के सब खेलने थे बस यही सब है और

क्या

तीनों किन्नर समाज के लोग और साथ में खड़ी

है सिमरन इनकी भी फीलिंग वैसे ही जैसे की

एक इंसान सोचता है एक लड़का या लड़की या

एक मेल या फीमेल सोचता है लेकिन इनके साथ

दिक्कत ये है की जब एक बार समाज में ए गए

या आपके घर परिवार ने आपको छोड़ दिया तो

जाए तो कहां जैन फिर अपने गुरु के शरण में

जाते हैं लेकिन वो फीलिंग नहीं भूल पाते

हैं इन्हें भी अपना रोजगार चाहिए

खाने-पीने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा वो

नहीं मिलता है तब इस तरह से सड़क पे

मांगने को मजबूर होते हैं शादियों में

जाते हैं किसी के बच्चा होने पर जाते हैं

लेकिन फीलिंग दुआएं देते हैं लेकिन फीलिंग

वैसी ही होती है जैसे की हम और आप सोचते

हैं इसलिए जब कभी किन्नर समाज के लोग मिले

तो उनसे सम्मान भाव से पेस है उन्हें भी

सम्मान चाहिए

[संगीत]

[संगीत]

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